यह कब काम आएगा?
- आप पहली बार म्यूचुअल फंड SIP शुरू करने की सोच रहे हैं।
- आप ₹3,000 और ₹5,000 की मासिक किस्त का अंतर देखना चाहते हैं।
- आप हर साल SIP बढ़ाकर भविष्य का लक्ष्य परखना चाहते हैं।
म्यूचुअल फंड SIP में नियमित निवेश का गणित समझें। अपनी मासिक किस्त, निवेश अवधि और संभावित रिटर्न खुद चुनें। दिखाया गया रिटर्न तय या गारंटीड नहीं है।
अगर आप म्यूचुअल फंड में हर महीने ₹1,000, ₹3,000 या ₹5,000 लगाने की सोच रहे हैं, तो यह कैलकुलेटर अलग-अलग स्थितियों का गणित समझाता है। SIP में बाजार जोखिम रहता है और दिखाया गया रिटर्न पक्का ब्याज नहीं है।
'कुल जमा' आपका खुद का पैसा है। 'संभावित कॉर्पस' में अनुमानित निवेश लाभ या नुकसान भी जुड़ा है। 'आज की क्रयशक्ति' महंगाई के हिसाब से समझने में मदद करती है।
शुरुआती रकम ₹0, मासिक SIP ₹5,000 और अवधि 15 साल रखें। रिटर्न 0% पर ₹9 लाख जमा होंगे; फिर 8% का काल्पनिक उदाहरण देखकर फर्क समझें।
यह गलती न करें SIP का 8% या 12% रिटर्न पक्का नहीं है। अगर रिटर्न पहले ही फंड की फीस घटाने के बाद का है, तो उसी फीस को दोबारा न घटाएँ।
कैलकुलेटर के नीचे और विस्तार से समझाया गया है ↓
SIP म्यूचुअल फंड में बाजार जोखिम होता है। निश्चित सालाना वृद्धि केवल गणित समझाने के लिए है। असली NAV में उतार-चढ़ाव, एग्जिट लोड, कैपिटल गेन्स टैक्स, स्कीम के नियम और निकासी शामिल नहीं हैं। अनुमानित कॉर्पस को गारंटीड रकम न मानें।
| साल | कुल जमा | संभावित रकम |
|---|---|---|
| 0 | ₹0 | ₹0 |
| 1 | ₹60,000 | ₹62,169 |
| 5 | ₹3,00,000 | ₹3,64,723 |
| 10 | ₹6,00,000 | ₹9,00,621 |
| 15 | ₹9,00,000 | ₹16,88,032 |
| 20 | ₹12,00,000 | ₹28,44,995 |
अगर आपके पास पहले से निवेश है तो शुरुआती रकम भरें, नहीं तो शून्य रखें। फिर हर महीने जमा होने वाली वास्तविक SIP किस्त दर्ज करें।
निवेश के साल और सालाना रिटर्न की केवल अपनी कल्पित दर दर्ज करें। कोई भी म्यूचुअल फंड एक जैसी तय दर से नहीं बढ़ता।
स्टेप-अप SIP के लिए हर 12 महीने बाद किस्त कितने प्रतिशत बढ़ेगी यह भरें। यदि अनुमानित रिटर्न पहले ही फंड के खर्च घटाकर है तो उसी फीस को दोबारा न घटाएँ।
अपना कॉर्पस लक्ष्य और महंगाई का अनुमान भरें। भविष्य की रकम के साथ आज की क्रयशक्ति और लक्ष्य के लिए जरूरी शुरुआती मासिक किस्त भी देखें।
उदाहरण: ₹5,000 हर महीने 15 साल तक SIP। 0%, 8% और 12% जैसे अलग-अलग काल्पनिक रिटर्न डालकर देखें कि मासिक किस्त हर साल 5% बढ़ाने पर क्या फर्क पड़ता है।
SIP म्यूचुअल फंड में बाजार जोखिम होता है। निश्चित सालाना वृद्धि केवल गणित समझाने के लिए है। असली NAV में उतार-चढ़ाव, एग्जिट लोड, कैपिटल गेन्स टैक्स, स्कीम के नियम और निकासी शामिल नहीं हैं। अनुमानित कॉर्पस को गारंटीड रकम न मानें।
नहीं। म्यूचुअल फंड में बाजार जोखिम है, रिटर्न नकारात्मक भी हो सकता है। कोई तय रिटर्न की गारंटी नहीं है।
इस गणना में हर पूरे 12 महीने बाद मासिक निवेश एक तय प्रतिशत से बढ़ता है।
आप अपनी अनुमानित सालाना फीस अलग दर्ज कर सकते हैं। NAV पर आधारित रिटर्न में सामान्य खर्च पहले से घटे हो सकते हैं, इसलिए दो बार मत घटाएँ।
नहीं। फंड का प्रकार, होल्डिंग अवधि और लागू कानून से टैक्स तय होता है।
मान ली गई प्रभावी सालाना वृद्धि को महीने की दर में बदला जाता है। चुने गए समय पर हर महीने SIP जोड़ी जाती है और हर बार 12 महीने बाद तय प्रतिशत से किस्त बढ़ती है। यह निश्चित बाजार रिटर्न नहीं है।
अगर आप म्यूचुअल फंड में हर महीने ₹1,000, ₹3,000 या ₹5,000 लगाने की सोच रहे हैं, तो यह कैलकुलेटर अलग-अलग स्थितियों का गणित समझाता है। SIP में बाजार जोखिम रहता है और दिखाया गया रिटर्न पक्का ब्याज नहीं है।
SIP का मतलब है किसी म्यूचुअल फंड में हर महीने या तय अंतराल पर नियमित रकम निवेश करना। आप पढ़ाई, घर या लंबी अवधि की जरूरत के लिए बचत की योजना बनाते समय इस टूल से अलग-अलग मासिक किस्तों का असर देख सकते हैं।
SIP अपने आप कोई निश्चित ब्याज देने वाली योजना नहीं है। म्यूचुअल फंड का NAV बाजार के साथ बदलता है। नुकसान भी हो सकता है; इसलिए कैलकुलेटर के बढ़ते ग्राफ को तय मुनाफे की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
अगर पहले से उसी निवेश में पैसा है तो शुरुआती रकम में भरें। अभी शुरू कर रहे हैं तो शून्य रखें। फिर अपनी जेब से हर महीने वास्तव में जितना निवेश कर पाएंगे, वही SIP की रकम डालें। अवधि पूरे साल में चुनें।
रिटर्न की दर केवल अनुमान है। सबसे पहले 0% रखकर कुल जमा देखें, फिर दूसरी दर पर तुलना करें। हर 12 महीने बाद SIP बढ़ानी हो तो स्टेप-अप प्रतिशत चुनें। महंगाई और फीस अलग अनुमान हैं।
अगर हर महीने ₹5,000 लगातार 15 साल जमा करें और शुरुआत में कुछ न हो, तो बिना रिटर्न के कुल मूलधन ₹9,00,000 होगा। इस उदाहरण में 15 × 12 = 180 किस्तें हैं। अपना पैसा कितना है यह जानना सबसे पहला कदम है।
अब 8% का काल्पनिक सालाना रिटर्न डालें। भविष्य का संभावित फंड बड़ा दिखेगा, लेकिन यह पक्का नतीजा नहीं। हर साल SIP 5% बढ़ाने पर अपने योगदान की रकम भी बढ़ती है, इसलिए दोनों को अलग देखकर समझें।
कई म्यूचुअल फंड की प्रकाशित NAV आधारित रिटर्न में नियमित फंड खर्च पहले से शामिल होते हैं। अगर उसी आधार पर रिटर्न मान रहे हैं तो अलग सालाना खर्च फिर घटाने से फीस दो बार घट सकती है। एग्जिट लोड और दूसरी शर्तें भी जाँचें।
रिडेम्प्शन के समय लगने वाला कैपिटल गेन्स टैक्स, असली बाजार उतार-चढ़ाव और फंड की विशेष शर्तें यहां अपने आप नहीं जुड़तीं। निवेश से पहले SEBI की निवेशक जानकारी और संबंधित स्कीम के दस्तावेज़ देखें।
केवल जानकारी और योजना के लिए। वास्तविक दस्तावेज़ व आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करें।