यह कब काम आएगा?
- GST सहित ₹1,180 के बिल में टैक्स का हिस्सा निकालना है।
- ₹1,000 की मूल कीमत पर टैक्स जोड़ना है।
- CGST, SGST और IGST की रकम अलग-अलग समझनी है।
भारतीय GST की दर खुद भरकर टैक्स सहित या बिना टैक्स के मूल्य, CGST और SGST का अलग हिसाब तथा बिल का कुल मूल्य निकालें।
आप ग्राहक का बिल बना रहे हैं या दुकान से मिला बिल जाँच रहे हैं? इस गणना से पता करें कि लिखी कीमत में कितनी मूल रकम है और कितना GST। सही दर का चुनाव सरकारी वर्गीकरण देखकर आपको करना होगा।
मूल कर योग्य कीमत टैक्स से पहले की रकम है। GST टैक्स की रकम है और दोनों का जोड़ ग्राहक का बिल है। यह रिटर्न या असली सप्लाई का कानूनी वर्गीकरण नहीं करता।
18% को सिर्फ उदाहरण मानें। ₹1,180 GST सहित कीमत में ₹1,000 मूल कीमत और ₹180 टैक्स है। उपयुक्त राज्य के अंदर सप्लाई के उदाहरण में ₹90 CGST और ₹90 SGST होता है।
यह गलती न करें ₹1,180 से सीधे उसका 18% घटाना गलत है; उसे 1.18 से भाग दें। कैलकुलेटर पर 18% दिखने से हर सामान पर वही दर लागू नहीं हो जाती।
कैलकुलेटर के नीचे और विस्तार से समझाया गया है ↓
क्या कीमत में GST शामिल है?
उदाहरण की दर चुनें
GST का केवल संख्यात्मक विभाजन
सामान की एक कीमत और उसकी संख्या दर्ज करें। अलग-अलग दर वाले सामान को अलग गणना में डालें।
चुनें कि कीमत में GST पहले से शामिल है या नहीं। जैसे ₹1,180 में 18% GST होने पर ₹1,000 मूल मूल्य और ₹180 टैक्स होता है।
सामान का HSN या सेवा का SAC और लागू दर GST काउंसिल/CBIC के आधिकारिक स्रोतों से जाँचें। कोई भी नमूना दर आपके सामान पर लागू होने की गारंटी नहीं है।
राज्य के भीतर की सामान्य बिक्री का संख्यात्मक उदाहरण CGST व SGST में बराबर बँट सकता है। अन्य परिस्थितियों में IGST लागू हो सकता है, जिसका फैसला आप नियम देखकर करें।
भारत में GST की दरें, HSN/SAC वर्गीकरण और छूट समय के साथ बदलते हैं। 2026 की 57वीं GST काउंसिल बैठक के निर्णयों की जाँच करें। 5%, 18%, 40% विकल्प केवल संख्यात्मक उदाहरण हैं। यह उपकरण सप्लाई का राज्य या कानूनी CGST/SGST/IGST वर्गीकरण तय नहीं करता; टैक्स क्रेडिट और अलग सेस भी नहीं निकालता।
GST से पहले कीमत हो तो उस पर दर का प्रतिशत जोड़ा जाता है। GST समेत कीमत हो तो उसे (1 + GST दर / 100) से भाग देकर कर योग्य मूल्य निकाला जाता है। राज्य के भीतर की सामान्य बिक्री में समान हिस्सों का CGST/SGST उदाहरण दिखता है।
मूल कीमत ₹1,180 ÷ 1.18 = ₹1,000 और शामिल GST ₹180 होगा।
आम तौर पर राज्यों के भीतर की आपूर्ति पर दोनों लागू हो सकते हैं, लेकिन असली निर्णय कानूनी प्लेस-ऑफ-सप्लाई नियमों पर निर्भर है।
नहीं। 2026 में किए गए बदलावों सहित नवीनतम दर आधिकारिक साइट से सत्यापित करके भरें।
भारत में GST की दरें, HSN/SAC वर्गीकरण और छूट समय के साथ बदलते हैं। 2026 की 57वीं GST काउंसिल बैठक के निर्णयों की जाँच करें। 5%, 18%, 40% विकल्प केवल संख्यात्मक उदाहरण हैं। यह उपकरण सप्लाई का राज्य या कानूनी CGST/SGST/IGST वर्गीकरण तय नहीं करता; टैक्स क्रेडिट और अलग सेस भी नहीं निकालता।
आप ग्राहक का बिल बना रहे हैं या दुकान से मिला बिल जाँच रहे हैं? इस गणना से पता करें कि लिखी कीमत में कितनी मूल रकम है और कितना GST। सही दर का चुनाव सरकारी वर्गीकरण देखकर आपको करना होगा।
छोटे दुकानदार को ग्राहक के लिए अंतिम कीमत निकालनी होती है और खरीददार जानना चाहता है कि बिल में टैक्स कितना जोड़ा गया। यह कैलकुलेटर इन दोनों सवालों का संख्यात्मक उत्तर देता है।
वास्तविक GST दर सामान या सेवा के HSN/SAC वर्गीकरण और मौजूदा अधिसूचना पर निर्भर करती है। पुराने बिल की दर हर नई बिक्री पर सही नहीं मानी जा सकती।
मान लें लागू दर 18% है। GST सहित ₹1,180 को 1.18 से भाग देने पर ₹1,000 कर योग्य मूल कीमत मिलती है। बाकी ₹180 टैक्स है।
यदि आपने ₹1,000 बिना GST की कीमत लिखी है तो 18% के इस उदाहरण में ₹180 जोड़ने पर कुल ₹1,180 होंगे। कई समान सामानों की संख्या भी साथ भर सकते हैं।
सामान्य उपयुक्त राज्य के अंदर बिक्री में केंद्रीय और राज्य GST बराबर हिस्सों में हो सकते हैं। उदाहरण में ₹180 कुल टैक्स का ₹90 और ₹90 विभाजन दिखेगा।
राज्यों के बीच उपयुक्त सप्लाई में IGST का उदाहरण बनता है। लेकिन कौन-सा टैक्स सच में लगेगा, यह प्लेस ऑफ सप्लाई और दूसरे कानून तय करते हैं।
इनपुट टैक्स क्रेडिट, छूट, सेस, रिवर्स चार्ज, निर्यात की विशेष शर्तें और GST रजिस्ट्रेशन की पात्रता इस सरल गणना में शामिल नहीं हैं।
CSV डाउनलोड अपने पास हिसाब रखने के लिए है, आधिकारिक टैक्स इनवॉइस या फाइलिंग नहीं। CBIC, GST Council और GST पोर्टल के निर्देश अलग से देखें।
केवल जानकारी और योजना के लिए। वास्तविक दस्तावेज़ व आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करें।