अपनी सालाना कर योग्य आय दर्ज करें और नई व्यवस्था के अनुसार स्लैब टैक्स, धारा 87A की संभावित रिबेट और 4% स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर का अनुमान देखें।
कर योग्य आय का विवरण
नई व्यवस्था · सामान्य स्लैब वाली आय · ₹50 लाख तक · टैक्स वर्ष 2026–27
उदाहरण: पात्र भारतीय निवासी की सामान्य कर योग्य आय ₹12,00,000 हो तो स्लैब टैक्स ₹60,000 बनेगा और पात्र धारा 87A रिबेट के बाद अनुमानित कर ₹0 होगा।
अनुमानित कुल इनकम टैक्स
अनुमानित कुल इनकम टैक्स₹0.00टैक्स के बाद आय: ₹12,00,000.00
रिबेट से पहले टैक्स
रिबेट से पहले टैक्स₹60,000.00
धारा 87A रिबेट / मार्जिनल रिलीफ़₹60,000.00
स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर (4%)₹0.00
अनुमानित कुल इनकम टैक्स₹0.00
टैक्स के बाद आय₹12,00,000.00
प्रभावी इनकम टैक्स दर0%
GUIDE · 2026/27
2026–27 की नई टैक्स व्यवस्था में गणना कैसे करें
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अपनी कटौतियों के बाद की कर योग्य आय भरें। सिर्फ़ CTC या पूरी ग्रॉस सैलरी न भरें; यह टूल सैलरी की स्टैंडर्ड डिडक्शन अपने आप नहीं घटाता।
02
भारतीय निवासी का विकल्प तभी चुनें जब आप धारा 87A रिबेट के लिए वास्तव में पात्र हों। गैर-निवासी को यह रिबेट नहीं दी जाती।
03
स्लैब टैक्स, ₹12 लाख की सीमा के आसपास मार्जिनल रिलीफ़ और उसके बाद 4% सेस का विवरण देखें। केवल सामान्य दर से टैक्स वाली आय शामिल है।
04
कैपिटल गेन्स, विशेष दर से टैक्स, टीडीएस, अन्य कटौतियों और सरचार्ज के बारे में अलग से आधिकारिक दस्तावेज़ देखकर पुष्टि करें।
इस गणना में क्या शामिल नहीं है
केवल कर वर्ष 2026–27 की नई व्यवस्था में सामान्य स्लैब वाली कर योग्य आय के लिए सीमित अनुमान। ₹50 लाख से ऊपर सरचार्ज की गणना उपलब्ध नहीं है। कैपिटल गेन्स, खास टैक्स दर वाली आय, TDS, वेतन कटौती, विदेशी आय और रिटर्न में गोलाई के नियम शामिल नहीं हैं। फ़ाइलिंग से पहले आधिकारिक स्रोत या कर विशेषज्ञ से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ₹12 लाख तक हर तरह की आय पर टैक्स नहीं लगता?
नहीं। निवासी व्यक्ति को पात्र सामान्य टैक्स-स्लैब आय पर धारा 87A रिबेट मिल सकती है; विशेष दर वाली आय पर यह नहीं मिलेगी।
₹12 लाख से थोड़ी अधिक आय पर क्या होगा?
मार्जिनल रिलीफ़ से कुछ स्थितियों में शुरुआती अतिरिक्त टैक्स सीमित हो सकता है। इसके बाद लागू सेस अलग से जुड़ता है।
क्या इसमें पुरानी टैक्स व्यवस्था और टीडीएस शामिल हैं?
नहीं। यह केवल नई व्यवस्था में सालाना सामान्य आय के टैक्स का अनुमान दिखाता है।
Official tax source references
Methodology and legislation should always be checked before relying on an estimate.
इनकम टैक्स की नई व्यवस्था: सही आय भरने से लेकर नतीजे समझने तक
यह कैलकुलेटर 2026–27 टैक्स वर्ष की नई व्यवस्था में सामान्य स्लैब से कर लगने वाली आय का अनुमान बताता है। वेतनभोगी व्यक्ति टैक्स की योजना बनाने और धारा 87A का असर समझने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं; यह पूरा इनकम टैक्स रिटर्न नहीं तैयार करता।
01
CTC, कुल वेतन और कर योग्य आय का अंतर
कंपनी का बताया CTC, खाते में आने वाला वेतन और आयकर की 'कर योग्य आय' एक समान नहीं होते। CTC में कंपनी का योगदान और दूसरे लाभ भी हो सकते हैं। इस कैलकुलेटर में सभी लागू कटौतियाँ समझने के बाद निकली कर योग्य सामान्य आय भरनी चाहिए।
वेतनभोगियों की पात्र स्टैंडर्ड डिडक्शन यह टूल अपने आप नहीं घटाता। इसलिए अगर आप सीधे पूरा CTC भर देंगे तो नतीजा गलत हो सकता है। पहले आय और कटौतियों के दस्तावेज़ देखें।
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नई व्यवस्था में स्लैब और धारा 87A कैसे काम करते हैं
पहले ₹4 लाख तक सामान्य आय पर स्लैब टैक्स शून्य है। उसके ऊपर अलग-अलग आय के हिस्सों पर 5%, 10%, 15%, 20%, 25% और 30% दर लागू होती है। पूरी कमाई पर एक ही सबसे ऊँची दर नहीं लगती।
पात्र निवासी व्यक्ति की ₹12 लाख सामान्य कर योग्य आय पर कुल स्लैब टैक्स ₹60,000 बन सकता है, जिसे पात्र धारा 87A रिबेट घटा सकती है। ₹12 लाख से कुछ ऊपर की आय पर मार्जिनल रिलीफ़ लागू हो सकती है। हिसाब में इसके बाद 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर जोड़ा जाता है।
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एक उदाहरण से नतीजे जाँचें
पहले कर योग्य आय के बॉक्स में ₹12,00,000 डालें और निवासी का विकल्प सही रखें। टैक्स और रिबेट का अंतर देखें। फिर ₹12,10,000 डालकर देखें कि सीमा पार करने पर कर कैसे बदलता है। यह अंतर दर्शाता है कि केवल स्लैब दर याद रखने से पूरी देयता नहीं निकलती।
अब निवासी का विकल्प हटाकर तुलना करें। गैर-निवासी पर वही व्यक्तिगत धारा 87A रिबेट लागू नहीं होगी। निवासी होने का अर्थ सिर्फ़ भारतीय नागरिकता नहीं, बल्कि लागू आयकर नियमों के अनुसार टैक्स रेज़िडेंसी है।
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किन मामलों में अलग हिसाब आवश्यक है
कैपिटल गेन्स, लॉटरी जैसी विशेष दर वाली आय, TDS, सरचार्ज, कारोबार की आय में समायोजन, रिफंड और पुराने टैक्स विकल्प की तुलना इसमें अपने आप शामिल नहीं है। ₹50 लाख से ऊपर की आय भी इस सीमित मॉडल के बाहर रखी गई है।
नियमों के दस्तावेज़ में Tax Year और Assessment Year का अंतर देखकर सही अवधि चुनें। वास्तविक रिटर्न दाखिल करते समय आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल या कर विशेषज्ञ के हिसाब से पुष्टि करें।
केवल जानकारी और योजना के लिए। वास्तविक दस्तावेज़ व आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करें।