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होम लोन की मासिक EMI कितनी होगी?

घर खरीदने से पहले जानें कि बैंक लोन की हर महीने कितनी किश्त बन सकती है। प्रॉपर्टी की कीमत, डाउन पेमेंट, सालाना ब्याज और लोन अवधि के आधार पर अनुमान प्राप्त करें।

घर की कीमत और डाउन पेमेंट

लोन की शर्तें और ब्याज

यह केवल समान मासिक किश्त और स्थिर ब्याज दर पर आधारित गणितीय अनुमान है। वास्तविक फ्लोटिंग होम लोन, बैंक की मंज़ूरी, क्रेडिट स्कोर, प्रोसेसिंग शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी, रेट में बदलाव और इनकम टैक्स छूट की गणना नहीं की जाती।

उदाहरण: ₹80 लाख की प्रॉपर्टी में ₹16 लाख डाउन पेमेंट देने पर ₹64 लाख लोन चाहिए। बैंक से मिली वास्तविक ब्याज दर और अवधि डालें, फिर अनुमानित EMI की तुलना करें।

अनुमानित मासिक EMI

मासिक होम लोन EMI₹54,532.20EMI सहित अन्य मासिक खर्च: ₹54,532.20

अनुमानित मासिक EMI

मूल लोन राशि₹64,00,000.00
पूरी अवधि का ब्याज₹66,87,728.42
मूलधन और ब्याज का योग₹1,30,87,728.42
EMI सहित अन्य मासिक खर्च₹54,532.20
लोन-टू-वैल्यू अनुपात80.0%
होम लोन · मार्गदर्शिका

भारत में होम लोन EMI का हिसाब कैसे करें

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    सबसे पहले प्रॉपर्टी की कीमत और अपनी जमा पूँजी लिखें। दोनों का अंतर लोन की मूल राशि होगा।

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    बैंक से मिली अनुमानित सालाना ब्याज दर और वर्षों में पूरी अवधि दर्ज करें। कैलकुलेटर ब्याज दर पूरी अवधि एक जैसी मानता है।

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    मासिक EMI और कुल ब्याज का हिसाब देखें। चाहें तो अलग से अन्य मासिक घरेलू खर्च दर्ज करें, लेकिन उन्हें EMI न समझें।

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    लोन लेने से पहले बैंक से प्रोसेसिंग फ़ीस, फ्लोटिंग रेट, स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन खर्च और प्रीपेमेंट के नियम जाँचें।

अनुमानित मासिक EMI

यह केवल समान मासिक किश्त और स्थिर ब्याज दर पर आधारित गणितीय अनुमान है। वास्तविक फ्लोटिंग होम लोन, बैंक की मंज़ूरी, क्रेडिट स्कोर, प्रोसेसिंग शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी, रेट में बदलाव और इनकम टैक्स छूट की गणना नहीं की जाती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

EMI का मतलब क्या है?

Equated Monthly Instalment, यानी एक समान मासिक किश्त जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं।

क्या इस हिसाब में रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प ड्यूटी आती है?

नहीं। यह अलग खर्च है, जो राज्य और लेनदेन के आधार पर बदल सकता है।

फ्लोटिंग ब्याज दर बदलने पर क्या होगा?

बैंक किस्त या ऋण अवधि बदल सकता है; यह टूल ब्याज दर स्थिर मानकर ही अनुमान देता है।

आधिकारिक वित्तीय मार्गदर्शन

बैंक की वास्तविक ब्याज दर, फ्लोटिंग रेट की शर्तें और दस्तावेज़ अलग से जाँचें।

Reserve Bank of India — Loan and floating rate consumer FAQs

दूसरे देशों के कैलकुलेटर

United States · MortgageUnited Kingdom · RepaymentIndia · EMI
विस्तृत उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका

होम लोन EMI का पूरा तरीका: मकान की कीमत से कुल ब्याज तक

घर खरीदने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि हर महीने बैंक को कितनी किश्त देनी होगी। यह टूल प्रॉपर्टी कीमत, अपना डाउन पेमेंट, घटते बैलेंस वाली सालाना ब्याज दर और अवधि से अनुमानित EMI निकालता है। यह बैंक से लोन मंजूरी दिलाने वाला टूल नहीं है।

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प्रॉपर्टी की कीमत और बैंक से ली जाने वाली रकम

मान लीजिए घर की कुल कीमत ₹80 लाख है और आपने ₹16 लाख का डाउन पेमेंट तय किया है। तब उदाहरण में बैंक से ₹64 लाख लेने होंगे। स्क्रीन पर दिखने वाला लोन-टू-वैल्यू अनुपात बताता है कि कीमत के कितने प्रतिशत को लोन से पूरा किया जा रहा है।

वास्तविक बैंक प्रॉपर्टी की अलग वैल्यूएशन कर सकता है। केवल इस गणना में 80% लोन दिखने से बैंक की मंजूरी, ब्याज दर या पात्रता तय नहीं होती।

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EMI क्या है और उसमें ब्याज कैसे लगता है

EMI यानी हर महीने समान किस्त में मूलधन और ब्याज चुकाना। शुरुआती महीनों में बाकी लोन ज्यादा होने के कारण ब्याज का हिस्सा बड़ा होता है। मूलधन घटने के साथ ब्याज का हिस्सा कम होता जाता है, जब तक दर और अवधि स्थिर हों।

यह कैलकुलेटर सालाना नाममात्र ब्याज दर को 12 से भाग देकर मासिक दर मानता है। भारत के अनेक होम लोन में फ्लोटिंग रेट होती है। दर बदलने पर EMI या अवधि बदल सकती है; यहां पूरी अवधि एक जैसी दर मानी गई है।

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दो उदाहरण देखकर फैसला करें

पहले ₹80 लाख प्रॉपर्टी, ₹16 लाख डाउन पेमेंट, 20 साल और 8.25% का उदाहरण लगाएं। EMI और कुल ब्याज नोट करें। अब बाकी सब समान रखते हुए 15 साल चुनें। महीने की किस्त बढ़ेगी, मगर स्थिर दर के इस मॉडल में कुल ब्याज घटेगा।

दूसरी तुलना में अवधि 20 साल वापस करें और डाउन पेमेंट बढ़ाएं। इससे लोन मूलधन घटता है। बैंक की प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट नियम और ब्याज बदलने की शर्तें भी साथ देखें।

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EMI में क्या-क्या शामिल नहीं होता

रजिस्ट्रेशन, स्टाम्प ड्यूटी, कानूनी जाँच, मेंटेनेंस, बीमा और घर की मरम्मत जैसे खर्च EMI के मूल हिसाब में शामिल नहीं होते। अतिरिक्त मासिक खर्च का अलग बॉक्स बजट के लिए है; उससे आपके बैंक लोन का ब्याज नहीं बदलता।

टैक्स छूट, सरकारी आवास योजना, बैंक की क्रेडिट जाँच, वास्तविक फ्लोटिंग ब्याज और बैंक की मंजूरी अलग विषय हैं। आधिकारिक दस्तावेज़ देखकर अपनी स्थिति की पुष्टि करें।

केवल जानकारी और योजना के लिए। वास्तविक दस्तावेज़ व आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करें।